हो अंधेरा कितना भी घना हमें रोक सकता नहीं ! हो अंधेरा कितना भी घना हमें रोक सकता नहीं !
पास मेरे सिर्फ मेरी साँस बची थी धू -धू कर जो जल रही थी। पास मेरे सिर्फ मेरी साँस बची थी धू -धू कर जो जल रही थी।
हम वो नजारा क्या देखें, जिसमे तेरा अक्स नहीं ! हम वो नजारा क्या देखें, जिसमे तेरा अक्स नहीं !
फर्क नहीं है अंधेरे और रौशनी में रौशनी के गर्भ में अंधेरा ही तो है फर्क नहीं है अंधेरे और रौशनी में रौशनी के गर्भ में अंधेरा ही तो है
संगमरमर की मूरत या काया किसने फुरसत से तुझे बनाया। संगमरमर की मूरत या काया किसने फुरसत से तुझे बनाया।
तू तो गूदड़ों में सड़ गया आज "शकुन", बुढ़ापे तेरी कोई न पूछे बात। तू तो गूदड़ों में सड़ गया आज "शकुन", बुढ़ापे तेरी कोई न पूछे बात।